xmlns:og='http://ogp.me/ns#' AAj Sawan ki Shivratri - खाकी वर्दी के पहरे में होगा जलाभिषेक

AAj Sawan ki Shivratri - खाकी वर्दी के पहरे में होगा जलाभिषेक

शिवरात्रि सुबह  5:00 बजे से रात को 10:00 बजे तक मंदिर  खुलेंगे

हरियाणा के मंदिरों में रविवार को शिवरात्रि के अवसर पर पुलिस का पहरा रहेगा। सुबह 5:00 बजे से रात को 10:00 बजे तक मंदिर  खुलेंगे। टोकन  लेकर श्रद्धालु मंदिर में आएंगे और भगवान शिव का जलाभिषेक कर सकेंगे। राज्य सरकार ने शिवरात्रि के अवसर पर होने वाले आयोजन को मद्देनजर प्रदेश के सभी जिला पुलिस अधीक्षक को निर्देश जारी कर दिए हैं। 

पिछले वर्षों के दौरान शिवरात्रि पर जहां पूरा दिन मंदिर खुले रहते थे और श्रद्धालुओं का आवागमन जारी रहता था। वहीं अब श्रद्धालु सुबह 5:00 बजे से 10:00 बजे तक ही पूजा कर सकेंगे। हरियाणा के गृह सचिव विजय वर्धन द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि प्रदेश के सभी जिलों में मंदिर खोले जाएंगे, लेकिन गुरु ग्राम व फरीदाबाद में मंदिर बंद रहेंगे। प्रदेश में कहीं पर भी शिवरात्रि मेले का आयोजन नहीं होगा। लंगर अथवा भंडारे का आयोजन भी नहीं किया जा सकेगा।

मंदिरों में प्रसाद वितरण पर भी रोक रहेगी। निर्देश में कहा गया है कि मंदिरों में आने वाले श्रद्धालु सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही जलभिषेक करेंगे। मंदिर कमेटियां तथा संबंधित विभागों के कर्मचारी यह सुनिश्चित करेंगे। जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं ने मास्क को पहना हो। इसके अलावा सभी मंदिरों में अस्थाई बैरिकेडिंग करने के निर्देश जारी किए गए हैं। गृह सचिव ने अपने आदेश में साफ कर दिया है कि शिवरात्रि के अवसर पर सामूहिक आरती, प्राथना आदि का आयोजन नहीं होगा। 

नहीं हुआ कावड़ यात्रा का आयोजन।


कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार हरियाणा में कांवड़ यात्रा का आयोजन नहीं हो सका है। उत्तराखंड सरकार द्वारा कावड़ियों के हरिद्वार आने पर रोक लगा दी गई है। इसके चलते हरियाणा ने भी कांवड़ियों को हरिद्वार नहीं जाने दिया। हरियाणा से हर साल लाखों की संख्या में शिव भक्त कावड़ लेने के लिए हरिद्वार जाते थे लेकिन इस साल हरिद्वार जाने वाले सभी रास्तों को सील किया गया था। 


श्रद्धालुओं से कराना होगा कोविद गाइडलाइन्स का पालन 

जिलाधीश एवं उपायुक्त धीरेंद्र कठगड़ा ने कहा कि महाशिवरात्रि के मौके पर सरकार द्वारा 19 जुलाई को सुबह 5:00 से रात्रि 10:00 तक मंदिरों को खोलने की इजाजत दे दी गई है। लेकिन इस दौरान मंदिर प्रबंधकों द्वारा श्रद्धालुओं से कोविड गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित करना होगा। इस दौरान मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को फिजिकल डिस्टेंसिंग बरतनी होगी। वह मास्क लगाना होगा सामूहिक आरती,कीर्तन की इजाजत नहीं होगी। केवल सामुदायिक रसोई को नियमों का पालन करते हुए चलाने की अनुमति होगी।

रविवार को सावन माह की शिवरात्रि के पर्व पर मंदिरों में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं को भीड़ को लेकर जारी गाइडलाइंस का पालना करना होगा। नियमों का पालन कराने के लिए मंदिर प्रबंधन समितियों व पुजारियों ने जरूरी इंतजाम किए हैं। 


ऐसे करें अभिषेक 

शिवलिंग पर पंचामृत, दूध,दही,शहद,गहि,शर्करा,गंगा जल,बेल पत्र,कनेर,धतूरा,कमलगट्टा, गुलाब और निल कमल चढ़ाकर अभिषेक करना चाहिए। 

सावन शिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी स्नान करने के बाद घर के मंदिर में दीप जलाए। अगर घर में शिवलिंग  है तो उसका भी गंगा जल अभिषेक करें। गंगा  होने  साफ़ पानी से भी भोले बाबा का अभिषेक क्र सकते है। 

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