xmlns:og='http://ogp.me/ns#' Covid-19 - 45720 New Cases Record in India, 1129 People Died

Covid-19 - 45720 New Cases Record in India, 1129 People Died

देश में कोरोना वायरस संक्रमण खौफनाक रफ्तार से बढ़ रहा है। 3 दिन के अंदर ही कोरोना के मामले 11 लाख से 12 लाख के पार पहुंच गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बृहस्पतिवार सुबह के आंकड़ों के अनुसार 1 दिन में सर्वाधिक 45,720 नए मामले सामने आए। इन्हें मिलाकर कुल मामले 12,38,635 हो गए हैं। वही 1 दिन में रिकॉर्ड 1129 लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 29,861 हो गई। 

राहत की बात यह है कि 1 दिन में 29,557 मरीज ठीक हुए। यह भी एक दिन की सर्वाधिक संख्या है। मंत्रालय के अनुसार मरीजों के ठीक होने की दर 63.18% है। अब तक 7,82,606 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। देश में अभी 4,26,187 लोगों का कोरोना का इलाज चल रहा है। मंत्रालय ने कहा, 'सन्वित प्रयासों की बदौलत मृत्यु दर निचले स्तर पर बनाए रखने में सहायता मिली है। यह अभी 2.41% है, इसमें और कमी आ रही है।'

बृहस्पतिवार के आंकड़ों में सबसे ज्यादा 10,576 मामले महाराष्ट्र में सामने आए। इसके बाद तमिलनाडु में 5839, कर्नाटक में 4764, उत्तर प्रदेश में 2300, पश्चिम बंगाल में 2291 केस मिले। वही सबसे ज्यादा 518 मरीजों की मौत तमिलनाडु में हुई। तमिलनाडु के राजभवन में तैनात 84 सुरक्षा और दमकल कर्मी संक्रमित पाए गए हैं। पूर्ण जांच की संख्या डेढ़ करोड़ से ज्यादा हो चुकी है। आईसीएमआर के अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को 3,50,823 नमूनों की जान चली गई। आईसीएमआर में वैज्ञानिक लोकेश शर्मा ने बताया बुधवार तक 3 दिनों में 10 लाख नमूनों की जांच की गई। जांच की क्षमता बढ़कर रोजाना चार लाख जांच हो गई है।

हरियाणा में कोरोना मरीजों की संख्या 29,277 पहुंच गई है। राज्य में महामारी से 386 लोगों की जान जा चुकी है। 24 घंटे में राज्य में 748 नए केस मिले हैं। गुरुग्राम में 139 फरीदाबाद में 218 नए संक्रमित मिले। इस दौरान फरीदाबाद में 3 गुरुग्राम व झज्जर में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है।

कोरोना से ठीक हो चुके दिल्ली पुलिस कर्मी के फिर संक्रमित हो जाने पर विशेषज्ञ और उनका इलाज करने वाले डॉक्टर हैरान है। सवाल उठ रहा है कि क्या कोई मरीज दोबारा संक्रमित हो सकता है। यह 50 वर्षीय पुलिसकर्मी मई में संक्रमित पाए गए थे और 15 से 22 मई तक इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल में उनका उपचार हुआ था। ठीक होने पर वह ड्यूटी करने लगे। हालांकि 10 जुलाई को वह फिर बीमार हो गए। 

अपोलो हॉस्पिटल में सीनियर कंसल्टेंट डॉ राजेश चावला ने बताया कि और आरटीपीसीआर जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई है। पहली बार जब वह संक्रमित पाए गए थे, तो उनमें कोई लक्षण नहीं था। दोबारा संक्रमित होने का क्या कारण हो सकता है, वह भी एक महीने के भीतर।  इस  डॉक्टर चावला ने कहा, 'मैं कहता हूँ कि यह एक मृत वायरस है जिस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई, लेकिन मामला वह नहीं है। दूसरी चीज यह हो सकती है कि पहली बार जब उन्होंने जांच कराई तो यह संक्रमण का फॉल्स मामला था। तीसरी चीज एंटीबॉडी नहीं बनने के कारण वह दोबारा संक्रमित हुए होंगे। 

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