xmlns:og='http://ogp.me/ns#' The maximum Number of Covid-19 Patients recovered in a single Day

The maximum Number of Covid-19 Patients recovered in a single Day

देश में 48661 नए मामले, 70 संक्रमितों  मौत 

1 दिन में 48,661 नए मरीज सामने आने के साथ रविवार को देश में कोरोना पीड़ितों की संख्या 13,85,522 तक पहुंच गई। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से सुबह 8:00 बजे जारी आंकड़ों के अनुसार बीते चौबीस घंटों में कोरोना से 705 लोगों की मौत हुई। इन्हें मिलाकर मृतकों की कुल संख्या 32,063 हो गई। राहत की बात यह है कि 1 दिन में 36,145 करोना पीड़ित ठीक हुए। इस संक्रमण से उबरने वालों की यह 1 दिन की सर्वाधिक संख्या है। 

मंत्रालय ने बताया कि ठीक होने वालों के दर बढ़कर 63.92% हो गए हैं, वही मरने वालों की दर गिरकर 2.31 फ़ीसदी रह गई है। देश में 885,576 लोग इस महामारी से उबर चुके हैं। इस बीच आज का आंकड़ा लगातार बढ़ाया जा रहा है। आईसीएमआर के अनुसार 25 जुलाई तक करीब 1.63 करोड लोगों की कोरोना वायरस के लिए जांच की गई। इनमें से 442,263 की जांच शनिवार को की थी।

वायरस के छिपने का  रहस्य 

वैज्ञानिकों ने उस अणु की संरचना की गुत्थी सुलझा ली है जिसका इस्तेमाल कोरोना वायरस मेजबान कोशिका में छिपने के लिए करता है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस नई जानकारी से कोरोना के खिलाफ विषाणु रोधी दवा बढ़ाने में मदद मिल सकती है। यह अध्ययन करने वाले वैज्ञानिकों में भारतीय मूल के वैज्ञानिक भी शामिल है। 

'नेचर कम्युनिकेशन' जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, अणु एनएसपी10 मेजबान कोशिका के एमआरएनए की नकल करने के लिए विषाणुजनित एमआरएनए में बदलाव करता है। अमेरिका में द यूनिवर्सिटी आफ टैक्सास हेल्थ साइंस सेंटर के शोधकर्ताओं ने कहा कि यह बदलाव एनएसपी10 कि मेजबान कोशिका की प्रतीरक्षा प्रतिक्रिया से बचाता है।

लड़ने वाले जीन की हुई पहचान 

नीदरलैंड के रैडबाउड यूनिवर्सिटी मेडिकल कॉलेज के वैज्ञानिकों ने मानव शरीर में एक ऐसे जीन की पहचान की है जो कोरोना वायरस से लड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन की पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार चार युवा पुरुष रोगियों और दो परिवारों के करो ना से गंभीर रूप से बीमार मरीजों में अनुवांशिकी विश्लेषण किया गया है। रोगियों में टीएलआर-7 जीन के विभिन्न प्रकार थे। 

साथ ही उनमें टाइप 1 और 2 के इंटरफेरॉन के प्रतीक्षा प्रणाली के अनुमानों के उत्पादन में दोष पाया गया। अध्ययनकरताऔ ने कहा कि पीएलआर जिन मानव शरीर की कोशिकाओं की सतह पर प्रोटीन रिसेप्टर उत्पन्न करने में मदद करता है जो हमलावरों की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह रिसेप्टर शरीर में संक्रमण को की पहचान करके प्रतिरोधक प्रणाली को सक्रिय कर देते हैं।




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